अनुसरण गौतम बुद्ध की प्रेरक कहानी | Anusaran Buddhist Inspirational Story In Hindi To Change Life

फ्रेंड्स इस पोस्ट में हम अनुसरण गौतम बुद्ध की प्रेरक कहानी (Anusaran Buddha Inspirational Story In Hindi To Change Life ) शेयर कर रहे हैं. Anusaran Gautam Buddha Ki Prerak Kahani में बुद्ध जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की सीख देते हैं. पढ़िये Hindi Buddhist Story  :

Anusaran Buddha Inspirational Story In Hindi

Anusaran Buddha Inspirational Story In Hindi
Anusaran Buddha Inspirational Story In Hindi

गौतम बुद्ध अपने अनुयायियों को प्रतिदिन प्रवचन दिया करते थे। दूर-दूर से लोग उनका प्रवचन सुनने आया करते थे। गौतम बुद्ध लोगों को काम, मोह, लोभ, ईर्ष्या, अहंकार से स्वयं को दूर रखकर नम्रता, सादगी और सरलता से जीवन जीने की शिक्षा दिया करते थे।

एक व्यक्ति प्रतिदिन गौतम बुद्ध का प्रवचन सुनने आया करता था। वह बड़े ध्यानपूर्वक बुद्ध के कहे हर शब्दों को सुना करता और प्रवचन समाप्त होने पर लौट जाता।

लगभग एक माह तक वह अनवरत महात्मा बुद्ध का प्रवचन सुनने आता रहा। एक दिन प्रवचन समाप्त होने के बाद भी वह रुका रहा। सबके चले जाने के बाद वह बुद्ध के पास गया और बोला –

“तथागत! मुझे आपसे कुछ पूछना है।”

“पूछो!” बुद्ध ने कहा।

“तथागत! मैं एक माह से रोज़ आपके उपदेशों को बड़े ध्यान से सुन रहा हूँ। आपकी कही हर बात मुझे याद है। किंतु, मेरे जीवन में उनका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। मैं सोचने लगा हूँ कि क्या मुझमें कोई कमी है, जो वे बातें मुझ पर प्रभावहीन है।”

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बुद्ध ने पूछा, “बंधु! तुम कहाँ रहते हो?”

व्यक्ति ने उत्तर दिया, “श्रावस्ती में!”

“श्रावस्ती यहाँ से कितनी दूर है।”

व्यक्ति ने दूरी बताई, तो बुद्ध ने पूछा, “तुम श्रावस्ती से यहाँ कैसे आते हो?”

“कभी पैदल, कभी घोड़ागाड़ी से, कभी बैल गाड़ी से।”

“अच्छा ये बताओ कि क्या तुम यहाँ बैठे-बैठे श्रावस्ती पहुँच जाओगे।”

“ये कैसे संभव है तथागत! यहाँ बैठे-बैठे मैं श्रावस्ती कैसे पहुँच सकता हूँ। वहाँ पहुँचने के लिए मुझे चलना पड़ेगा। यदि चलना न हो, तो वहाँ पहुँचने के लिए साधन की आवश्यकता होगी, जैसे बैलगाड़ी या घोड़ा गाड़ी।”

“सत्य कहा!” बुद्ध बोले, “गंतव्य तक पहुँचने के लिए चलना पड़ता हैं। बिना चले गंतव्य तक नहीं पहुँचा जा सकता। उसी प्रकार अच्छी बातों को जीवन में उतारने के लिए उन पर चलना पड़ता है। मात्र सुन भर लेने से वे बातें जीवन में प्रभावशील नहीं होती। उनके अनुसार आचरण भी करना पड़ता है। मेरी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारोगे, मेरे दिखाए मार्ग पर चलोगे, तब तुम अपने जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन देखोगे।”

व्यक्ति को बुद्ध की बातें समझ में आ गई। उसने निश्चय किया कि अब वह बुद्ध की बातों का अनुसरण करेगा, उनके दिखाए मार्ग पर चलेगा और अपना जीवन बेहतर बनायेगा।

सीख (Moral Of The Buddhist Story)

दोस्तों, दिन भर में हम अच्छी-बुरी कितनी ही बातें सुनते हैं। कुछ बातों को हम सुनकर अनसुना कर देते हैं। कुछ बातें कुछ समय तक हमारे मस्तिष्क पटल पर रहती, फिर उन्हें हम भूल जाते हैं। कुछ बातें यादों के रूप में हमारे अवचेतन में संरक्षित हो जाती हैं।

किंतु वे बातें जिनका हम अनुसरण करते हैं, जिन पर चलना शुरू कर देते हैं। वही हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। वे धीरे-धीरे हमारी आदतों में ढल जाती है और अंततः हमारे स्वभाव में सम्मिलित होकर हमारे व्यक्तित्व का अंग बन जाती है। यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं, तो अच्छी बातों को मात्र सुने नहीं, उन पर चलें भी।

ध्यान देने योग्य बात यहाँ ये भी है कि जिन बातों पर हम चलने लगते हैं, वहीं अंततः हमारे जीवन को चलाने लगती हैं। अतः अपने जीवन को श्रेयष्कर बनाना चाहते हैं, तो किसी भी बात को जीवन में उतारने के पहले बुद्धि रूपी तराजू में अवश्य तौलें और उन्हीं बातों को अपने जीवन में उतारे, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाये और आपके जीवन को बेहतर बनाये।

Video Buddha Story To Change Life In Hindi

 

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