चींटी और झींगुर की कहानी | Chinti Aur Jhingur Ki Kahani 

चींटी और झींगुर की कहानी (Chinti Aur Jhingur Ki Kahani) Ant And Cricket Story In Hindi इस पोस्ट में शेयर की जा रही है। ये कहानी दो मस्ती करने वाले आलसी चींटी और झींगुर की हैं

Chinti Aur Jhingur Ki Kahani

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Chinti Aur Jhingur Ki Kahani

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एक घने जंगल में, चींटियों का एक छोटा सा समुदाय रहता था। वे मेहनती और दूरदर्शी थीं, जो गर्मियों के महीनों में भरपूर भोजन इकट्ठा करती थीं ताकि सर्दियों के दौरान जीवित रह सकें। 

उनके बीच में, चंचल नाम की एक छोटी चींटी थी। चंचल काम करने के बजाय दिन भर गाना-बजाना और मौज-मस्ती करना पसंद करती थी। 

एक दिन चंचल एक खेत में घूमते हुए, झींगुर नामक एक चंचल प्राणी से मिली। झींगुर भी चंचल की तरह ही आलसी और मस्ती करने वाला था। 

दोनों दोस्त बन गए और दिन भर गाते-बजाते, नाचते-कूदते समय बिताने लगे। 

गर्मियां बीत गईं और ठंडी सर्दियां आने लगीं। जंगल के भोजन स्रोत कम होने लगे और चींटियां चिंतित होने लगीं। 

उन्होंने चंचल को याद दिलाया कि उन्होंने सर्दियों के लिए भोजन इकट्ठा नहीं किया है, लेकिन चंचल ने उनकी बातों को अनदेखा कर दिया और कहा, “चिंता मत करो, हम किसी न किसी तरह भोजन ढूंढ लेंगे।”

धीरे-धीरे सर्दी बढ़ती गई और भोजन ढूंढना मुश्किल हो गया। चंचल और झींगुर भूख से परेशान होने लगे। 

उन्होंने अन्य जानवरों से भोजन माँगा, लेकिन सभी ने उन्हें मना कर दिया। 

एक दिन भूख और ठंड से बेहाल होकर, चंचल और झींगुर चींटियों के पास गए और उनसे क्षमा मांगी। 

चींटियों ने उन्हें दया दिखाई और उन्हें अपने भोजन में शामिल होने दिया। 

इस घटना से चंचल और झींगुर को एक महत्वपूर्ण सबक मिला। उन्होंने सीखा कि मेहनत और दूरदर्शिता जीवन में कितनी महत्वपूर्ण हैं। 

उन्होंने अपना आलसी जीवन त्याग दिया और चींटियों की तरह मेहनत करने लगे। 

लेकिन, इस बार चंचल ने केवल मेहनत करना ही नहीं सीखा, बल्कि उसने कृतज्ञता का पाठ भी सीखा। 

उसने चींटियों के प्रति उनकी दया और उदारता के लिए धन्यवाद दिया और हमेशा उनकी मदद करने का वादा किया। 

चंचल ने चींटियों के साथ मिलकर काम करना शुरू कर दिया और सर्दियों के कठिन समय को आसानी से पार कर लिया। 

इसके बाद, चंचल कभी भी आलसी नहीं रही और उसने हमेशा दूसरों की मदद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास किया।

सीख

  • मेहनत और दूरदर्शिता जीवन में सफलता की कुंजी हैं।
  • आलस्य और लापरवाही हमें कठिनाइयों में डाल सकती हैं।
  • दयालुता और क्षमा हमें जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती हैं।
  • कृतज्ञता व्यक्त करना हमारे जीवन में सकारात्मकता लाता है।
  • सच्चे दोस्त हमेशा मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देते हैं।

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