जो तुम चाहते हो वह तुम्हें अवश्य मिलेगा Motivational Story In Hindi 

जो तुम चाहते हो वह तुम्हें अवश्य मिलेगा Motivational Story In Hindi (Jo Tum Chahate Ho Wah Tumhe Avashya Milega Motivational Story In Hindi 

Jo Tum Chahate Ho Wah Tumhe Avashya Milega Motivational Story

Jo Tum Chahate Ho Wah Tumhe Avashya Milega Prerak Kahani

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बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक लड़का रहता था, जिसका नाम रमेश था। रमेश का सपना था कि वह बड़ा होकर एक सफल व्यापारी बने। उसके पिता एक साधारण किसान थे और उसकी माँ एक गृहिणी। वे लोग बहुत मेहनती थे लेकिन आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी। रमेश की शिक्षा का प्रबंध उसके माता-पिता बड़ी कठिनाई से करते थे।

रमेश का सपना था कि वह अपने माता-पिता को एक सुखी और सम्पन्न जीवन दे सके। वह हमेशा अपने दोस्तों और शिक्षकों से कहता था कि वह बड़ा होकर एक बहुत बड़ा व्यापारी बनेगा। लेकिन गाँव के लोग उसे अक्सर हँसी में उड़ाते और कहते, “तू एक किसान का बेटा है, तेरे लिए ये सपना पूरा करना नामुमकिन है।”

रमेश ने अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत शुरू कर दी। उसने स्कूल के बाद खेती में अपने पिता की मदद की और जब भी समय मिलता, वह किताबें पढ़ता और व्यापार के बारे में जानकारी जुटाता। उसके पास इंटरनेट नहीं था, लेकिन वह गाँव की पुस्तकालय से व्यापार संबंधित किताबें उधार लेता और उन्हें बड़े ध्यान से पढ़ता।

बारहवीं कक्षा की परीक्षा के बाद, रमेश ने शहर जाकर व्यापार प्रबंधन में पढ़ाई करने का निर्णय लिया। उसके माता-पिता ने अपनी जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा बेचकर उसकी पढ़ाई के लिए पैसे जुटाए। रमेश को पता था कि यह उनके लिए एक बड़ा त्याग है और उसने मन ही मन ठान लिया कि वह उन्हें कभी निराश नहीं करेगा।

शहर में आकर रमेश ने एक छोटा सा कमरा किराए पर लिया और अपनी पढ़ाई शुरू कर दी। शहर का जीवन उसके लिए नया और चुनौतीपूर्ण था। कई बार उसे पैसे की कमी के कारण भूखा रहना पड़ता, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह दिन-रात मेहनत करता और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अडिग रहता।

रमेश की मेहनत रंग लाई और उसने अच्छे अंकों के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उसने एक छोटी सी नौकरी शुरू की ताकि वह थोड़ा अनुभव और पैसे जुटा सके। कुछ समय बाद, उसने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक छोटा सा व्यापार शुरू किया। शुरूआत में उन्हें बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

रमेश और उसके दोस्तों की मेहनत और लगन के कारण उनका व्यापार धीरे-धीरे बढ़ने लगा। कुछ सालों में, वे लोग अपने क्षेत्र में सफल व्यापारी बन गए। रमेश ने अपने माता-पिता के लिए एक सुंदर घर खरीदा और उन्हें सुखी जीवन प्रदान किया। उसने अपने गाँव में भी कई सामाजिक कार्य किए और लोगों की मदद की।

रमेश ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी से गाँव के युवाओं को प्रेरित किया। उसने उन्हें सिखाया कि शिक्षा और मेहनत से बड़े से बड़े सपने भी पूरे हो सकते हैं। आज उसके गाँव के कई बच्चे उसकी तरह बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।

सीख

रमेश की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हमारे सपने सच्चे हैं और हम उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से जुटे रहते हैं, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। “जो तुम चाहते हो, वह तुम्हें अवश्य मिलेगा” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि एक सच्चाई है। अगर हम अपने लक्ष्यों के प्रति दृढ़ संकल्पित और मेहनती हैं, तो सफलता हमारे कदम चूमेगी।

रमेश की कहानी हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में कोई भी चीज़ असंभव नहीं है। अगर हमारे पास दृढ़ संकल्प और मेहनत करने की इच्छा है, तो हम किसी भी लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। कठिनाइयाँ और असफलताएँ हमारे रास्ते में आएँगी, लेकिन हमें हार नहीं माननी चाहिए। जो तुम चाहते हो, वह तुम्हें अवश्य मिलेगा – यह सच है, बस इसके लिए हमें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना होगा और निरंतर प्रयास करते रहना होगा।

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