सोमवार व्रत कथा | Somwar Vrat Katha

सोमवार व्रत कथा (Somwar Vrat Katha In Hindi) की कहानी, पूजन विधि, लाभ के बारे में इस पोस्ट में जानकारी दी जा रही है 

सोमवार व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से उन भक्तों द्वारा रखा जाता है, जो भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं। सोमवार व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है और इसे रखने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। इस व्रत की एक पौराणिक कथा भी है, जो अत्यंत प्रसिद्ध है। इस कथा में भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति भक्ति और श्रद्धा का वर्णन है।  

Somwar Vrat Katha

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Somwar Vrat Katha

सोमवार व्रत कथा

एक बार की बात है, एक निर्धन ब्राह्मण और उसकी पत्नी एक छोटे से गाँव में रहते थे। वे बहुत ही ईमानदार और धार्मिक थे। उनकी एकमात्र संतान थी, एक कन्या, जिसका नाम सुशीला था। सुशीला अपने माता-पिता की तरह बहुत धार्मिक और विनम्र थी। ब्राह्मण परिवार अत्यंत कठिनाई में जीवन यापन कर रहा था। एक दिन, सुशीला ने अपने माता-पिता से पूछा, “माँ-पिता, हमारे जीवन में इतनी कठिनाई क्यों है?” 

ब्राह्मण और उसकी पत्नी ने उत्तर दिया, “पुत्री, हमारे पूर्वजन्मों के कर्मों का फल हमें प्राप्त हो रहा है। लेकिन हमें भगवान शिव पर पूर्ण विश्वास है और उनकी भक्ति से सब कुछ संभव है।”

सुशीला ने भगवान शिव की आराधना करने का निश्चय किया और उसने सोमवार व्रत रखने का संकल्प लिया। उसने प्रतिदिन भगवान शिव के मंदिर जाकर पूजा अर्चना शुरू की। उसके भक्ति और श्रद्धा से प्रभावित होकर भगवान शिव ने उसकी मनोकामनाएँ पूर्ण करने का आशीर्वाद दिया। 

कुछ समय बाद, उसी गाँव में एक धनवान व्यापारी ने सुशीला को देखा और उसकी सरलता और सौम्यता से प्रभावित होकर उसे अपने पुत्र के लिए विवाह का प्रस्ताव भेजा। ब्राह्मण परिवार इस प्रस्ताव से बहुत प्रसन्न हुआ और विवाह की तैयारियाँ शुरू हो गईं। 

विवाह के बाद सुशीला अपने ससुराल चली गई। ससुराल में भी उसने सोमवार व्रत का पालन जारी रखा। उसके पति और ससुराल वाले उसकी भक्ति और श्रद्धा से बहुत प्रभावित थे। धीरे-धीरे उनके घर में सुख-समृद्धि बढ़ने लगी। व्यापार में लाभ होने लगा और उनका परिवार बहुत खुशहाल हो गया।

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सोमवार व्रत की पूजन विधि

सोमवार व्रत की विधि अत्यंत सरल है। व्रत करने वाले भक्त प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। फिर भगवान शिव के मंदिर जाकर या घर में शिवलिंग की पूजा करते हैं। पूजा में बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, चंदन, धूप, दीप, और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। 

पूजा के बाद शिव चालीसा और शिव मंत्र का पाठ किया जाता है। इस दिन व्रतधारी निराहार रहते हैं या फलाहार करते हैं। शाम को फिर से भगवान शिव की आरती की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है। 

रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। इस प्रकार नियमित रूप से सोमवार व्रत करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

सोमवार व्रत के लाभ

सोमवार व्रत रखने से भक्तों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। इस व्रत के धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ निम्नलिखित हैं:

1. धार्मिक लाभ : सोमवार व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम साधन है। इससे भक्तों को उनके जीवन की सभी कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है और उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

2. आध्यात्मिक लाभ : सोमवार व्रत रखने से भक्तों की आध्यात्मिक उन्नति होती है। उनके मन में शांति और संतोष का भाव उत्पन्न होता है और उनकी आत्मा शुद्ध होती है।

3. स्वास्थ्य लाभ: सोमवार व्रत रखने से शरीर को भी अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। नियमित व्रत रखने से पाचन तंत्र सुधरता है और शरीर में विषैले तत्वों का निष्कासन होता है।

सोमवार व्रत का महत्व

सोमवार व्रत का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्व है। इसे रखने से भक्तों की श्रद्धा और भक्ति बढ़ती है। भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, जो अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। इसलिए सोमवार व्रत को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।

इस व्रत का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और संतोष आता है। यह व्रत विशेष रूप से उन भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपने जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति पाना चाहते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं।

निष्कर्ष

सोमवार व्रत भगवान शिव की आराधना का एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली उपाय है। इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति से करने से भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन की सभी समस्याएँ दूर होती हैं। सुशीला की कथा इस बात का प्रमाण है कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भक्ति और श्रद्धा से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं।

सोमवार व्रत का पालन करने से भक्तों को धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं। यह व्रत उनके जीवन को सुख-समृद्धि और शांति से भर देता है। इसलिए, सोमवार व्रत को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए और भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करनी चाहिए।

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