शेर और भालू की कहानी | The Lion And The Bear Story In Hindi 

शेर और भालू की कहानी (The Lion And The Bear Story In Hindi) Sher Aur Bhalu Ki Kahani इस पोस्ट में शेयर की जा रही है।

The Lion And The Bear Story In Hindi

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The Lion And The Bear Story In Hindi

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घने जंगल में एक शक्तिशाली शेर और समझदार भालू रहते थे। शेर अपनी ताकत पर बहुत घमंड करता था और अपनी मर्जी से जंगल के छोटे जानवरों को परेशान करता था। भालू शांत स्वभाव का था, लेकिन उसे शेर की यह आदत बिल्कुल पसंद नहीं थी।

एक दिन शेर ने एक छोटे हिरण के बच्चे को पकड़ लिया और उसे डराने लगा। हिरण का बच्चा बहुत डरा हुआ था और मदद के लिए चिल्ला रहा था। तभी भालू वहां आ पहुंचा और शेर से कहा, “हे शेर महाराज, क्या आपको एक छोटे बच्चे को डराना शोभा देता है? क्या यही आपकी ताकत का इस्तेमाल है?”

शेर ने हंसते हुए कहा, “मैं जंगल का राजा हूँ। मैं जो चाहूं कर सकता हूँ।”

भालू ने गंभीरता से कहा, “ताकत का सही उपयोग होना चाहिए। आप राजा हो, तो आपकी जिम्मेदारी है कि आप जंगल के सभी जानवरों की रक्षा करें, न कि उन्हें डराएं।”

शेर ने भालू की बात को अनसुना कर दिया और हिरण के बच्चे को और ज्यादा डराने लगा। भालू ने शेर को सबक सिखाने का निश्चय किया।

अगले दिन भालू ने एक योजना बनाई। उसने जंगल के कुछ जानवरों के साथ मिलकर एक जाल तैयार किया और उसमें थोड़ा सा मांस रख दिया। शेर को मांस की गंध मिली और वह जाल की ओर आकर्षित हो गया। जैसे ही शेर ने मांस उठाने की कोशिश की, वह जाल में फंस गया।

शेर ने जोर-जोर से दहाड़ना शुरू किया और मदद के लिए पुकारने लगा। उसकी दहाड़ सुनकर भालू वहां पहुंचा और शेर से कहा, “क्या हुआ शेर महाराज? आज आप खुद एक जाल में फंस गए हैं।”

शेर ने क्रोध से कहा, “मुझे इस जाल से बाहर निकालो, भालू!”

भालू ने गंभीर स्वर में कहा, “मैं आपकी मदद करूंगा, लेकिन पहले आपको यह वादा करना होगा कि आप अपनी ताकत का सही उपयोग करेंगे और जंगल के छोटे जानवरों को परेशान नहीं करेंगे।”

शेर ने अपनी गलती का अहसास किया और भालू से वादा किया कि वह अब कभी छोटे जानवरों को परेशान नहीं करेगा और अपनी ताकत का सही उपयोग करेगा। भालू ने शेर को जाल से बाहर निकाला।

शेर ने भालू का धन्यवाद किया और कहा, “तुम सही थे, भालू। असली ताकत का मतलब दूसरों को डराना नहीं, बल्कि उनकी रक्षा करना होता है। मैं अब अपनी जिम्मेदारी समझ चुका हूँ।”

उस दिन के बाद से, शेर ने जंगल के सभी जानवरों का सम्मान किया और उनकी रक्षा की। जंगल में शांति और सामंजस्य स्थापित हो गया।

सीख (moral Of The Story)

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि असली ताकत का सही उपयोग दूसरों की रक्षा करने में है, न कि उन्हें डराने में। हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और दूसरों का सम्मान करना चाहिए।

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